हे गाइस वेलकम बैक टु Want library दोस्तो एक दिन मोंटी, उसके पापा और उसके दादा साथ में बैठकर टीवी देख रहे थे। मोंटी की अभी-अभी उसकी जॉब लगी थी और महीने के एंड में उसकी पहली सैलरी क्रिएट होने वाली थी तो ये सैलरी के साथ क्या करना है? ये मोंटी अभी डिसाइड कर रहा था तो उसने उसके पापा को कहा कि मैं अपनी पहली सैलरी की आते ही उसे स्टॉक्स में इन्वेस्ट करूँगा और उसे लगा की ये सुनके उसके पापा काफी खुश होंगे।लेकिन उसके पापा कहते है की ये स्टॉक्स वगैरह सब सट्टा है तु इतनी मेहनत से पैसे कमाएगा और फिर सट्टेबाजी करेगा। बेटा तु एक काम कर अपनी सैलरी को सैलरी अकाउंट से निकाल के हमारे पर्सनल सेविंग अकाउंट में डाल दें तो फिर जब वो एक बड़ा अमाउंट में सेव हो जाए तब एफडी कर लेना तो ये बात सुनके उसकी मॉम कहती है की ये बैंक वगैरह भी आजकल भरोसे के लायक नहीं है और अब तो एफबी के इंट्रेस्ट रेट भी कितने कम हो गए।बेटा एक काम करो, तुम अपनी सैलरी से गोल्ड खरीद लो हमारे जमाने से हम गोल्ड में पैसा लगाते आ रहे हैं। सोने का भाव हमेशा बढ़ता भी है। वो घर में सेफ भी रहेगा और जरूरत पड़ने पर काम भी आ जायेगा। और ये बात सुनके उसके ज्यादा कहते हैं कि गोल्ड भी इतना अच्छा इन्वेस्टमेंट नहीं हैं तो ये काम कर कोई प्लॉट या घर खरीद लें और EMI भर कम से कम बीस साल में तेरा एक खुद का घर तो हो जाएगा लेकिन मोंटी को इतना जल्दी लोन के चक्कर में पड़ना नहीं था। तो वो कन्फ्यूज़ हो जाता है की वो करे क्या दोस्तों? ऐसी कोई चीज़ हम सभी अपने घरों में देखते होंगे सिर्फ इन्वेस्टिंग ही नहीं, हर चीज़ में हमें अलग लोगों से अलग ओपिनियन मीलती है और क्योंकि किसी ने भी किसी चीज़ में कोई सक्सेस अचीव नहीं की होती है तो हम कन्फ्यूज़ हो जाते हैं कि हमें किसे फॉलो करना चाहिए और इसी वजह से मेजोरिटी लोग जो मिडिल क्लास या पूर॔ फैमिली में पैदा होते हैं वो हमेशा वही रह जाते तो इसीलिए अगर आप एक रिच फैमिली में जन्म नहीं हुए हो तो आप एक डिसएडवांटेज में हो क्योंकि पर्सनल फाइनेंस का सब्जेक्ट हमारे स्कूल में होता नहीं है और ना ही कोई रिच फैमिली के लोग आपको बैठके उनके सीक्रेट बताएंगे।फिर वो वहाँ पे कैसे पहुंचे? 
इसलिए ये बुक रिच डॅड पुअर डॅड बहुत फेमस हुई थी और ये पर्सनल फाइनेंस की कैटगरी में शायद नंबर वन बुक मानी जाती है तो आज हम इसी ऑर्डर की यह दूसरी बुक वाली रिच आर गेटिंग रिचर्ड से कुछ इम्पोर्टेन्ट लाइसेंस सीखेंगे। अब दोस्तो इस बुक में कुछ ऐसे लाइसेंस है जो अच्छे लेकिन कुछ ऐसे लाइसेंस है जो आपको फाइनेंशियल फ्रीडम नहीं बल्कि फाइनैंशल डिस्ट्रक्शन केभी रास्ते पे लेके जा सकते हैं।तो इसीलिए आज के लेख में हम उन अच्छे लेसेंस के साथ उन दूसरे लेसेंस को भी स्टडी करेंगे जिसमें मेरी ओपिनियन अलग है और मैं आप लोगों को अपना रीज़न भी दूंगा की क्यों में उस चैप्टर की अडवाइस को फॉलो नहीं करूंगा? क्योंकि इस चैनल के जरिए मेरा एम सिर्फ बुक की सममरीज बना कर अपलोड करना नहीं है, बल्कि आप लोगों की फाइनेंशियल फ्रीडम की जर्नी में हैल्प करना है तो लेख को एंड तक जरूर पढ़ना इसका सेकंड हाफ काफी इंट्रेस्टिंग होने वाला है। इस बात की मेरी गैरन्टी है क्योंकि उसमें आपको वेल्थ और फाइनेंशियल फ्रीडम का एक बहुत ही इंट्रेस्टिंग लेसन सीखने मिलेगा। तो चलिए शुरू करते हैं तो दोस्तों दुनिया में दिन पे दिन रिच और पूर्व लोगों के बीच का गैप बढ़ता जा रहा है।यानी रिच लोग और ज्यादा अमीर बनते जा रहे हैं और मिडल क्लास और पूर्व लोगों का स्ट्रगल दिन पे दिन बढ़ता जा रहा है। इसका रीज़न ये है की रिच लोगों के पास श्री इज होते जो हैं एजुकेशन इक्स्पिरियन्स और ऐक्सेस कैश तो जब कोई बच्चा एक अमीर फैमिली में पैदा होता है तो उसको फाइनैंशल एजुकेशन दी जाती है की वो एजुकेशन है जो उसके डैड उसे शाम को डिनर करते हुए देते है ना की स्कूल में फिर धीरे धीरे करके वो अमीर डैड अपने बच्चों को एक्सपिरियंस दिलाता है कि कैसे उन्हें अपने पैसों को मैनेज करना चाहिए और फिर उस रिच डैड ने जितनी भी पैसे अपनी लाइफ टाइम में कमाए होते वो उन बच्चों को मिल जाते तो इस वैल्थ क्रिएशन के गेम में उन्हें एक बहुत ही स्ट्रॉन्ग हेडस्टार्ट मीलती है और फिर वहाँ से वो और ज्यादा अमीर बनते रहते हैं।लेकिन जहाँ दूसरी तरफ मिडल क्लास और पूर्व लोगों की हम बात करें तो वो लाइफ टाइम तक सिर्फ पैसों के लिए काम करते रह जाते हैं। तो अब सवाल ये उठता है कि रिच लोग अपने बच्चों को ऐसी कौन सी एजुकेशन देते है? तो अवथर के हिसाब से ये एजुकेशन बेसिकली तीन चीजों की होती है। सबसे पहली होती है इन्वेस्टमेंट, दूसरी है टैक्स और तीसरी है डेट यानी लोन। तो अगर हम सबसे पहली चीज़ की बात करें, जो हैं इन्वेस्टमेंट तो रिच लोगों का सबसे ज्यादा पैसा जहाँ लगा होता है वो होता है उनके बिजनेस में जो या तो पब्लिक कंपनीज होती है, जिसमे हम स्टॉक मार्केट के थ्रू इन्वेस्ट कर सकते हैं या फिर उनकी प्राइवेट कंपनी होती है।क्योंकि रिच डैड पूर डैड में अवधर का सबसे मेन लेसन यही था की पूर लोग जिंदगी भर पैसों के लिए काम करते रहते हैं और रिच लोगों के लिए पैसा काम करता है। तो अगर आप एक जॉब करते हो तो आप भी स्टॉक मार्केट में इन्वेस्ट करके अपने पैसों को काम पे लगा सकते हो।तो अब हम अगले लेसन की तरफ बढ़ते की रिच लोग अपने पैसों को कुछ इस तरह काम पे लगाते जिससे उन्हें ज्यादा टैक्स ना बनना पड़े। अब दोस्तों आप में से बहुत लोग शायद अभी अर्न करना शुरू कर रहे होंगे या शायद इतना ज्यादा नहीं कमाते होंगे।क्या आपको बहुत टैक्स भरना पड़े और आप सोच रहे होंगे कि हमें टैक्स के बारे में सीखें, क्या मिलेगा? लेकिन बाद में जब आपकी इनकम ग्रो होगी और तब आप इसे सीखने जाओगे तो आपको ये काफी डिफिकल्ट लगेगा और अगर आप इसे अच्छे से समझ लो आप अपनी वेल्थ का एक मेजर हिस्सा लीगली टैक्स में जाने से सेव कर सकते हो क्योंकि इंडिया में मैक्सिमम टैक्स ब्रैकेट थर्टी परसेंट % और यूएस में थर्टी सेवन % है फिर इसके ऊपर और भी दूसरे तरह के टैक्स होते तो ऑथर के हिसाब से । इसका मतलब यह हुआ कि अगर आप अमीर होने के बाद अपने टैक्स को सही तरह से मैनेज नहीं करते हो तो आप साल के बारह महीने में से चार महीने गवर्नमेंट के लिए काम करते हो तो इस टैक्स के सब्जेक्ट को मास्टर करने का सबसे सिंपल आन्सर ये क्या आप अभी से टैक्स समझना और उसे फाइल करना शुरू कर दो ? फिर तीसरा लेसन में डेथ अब ये वाला पार्ट सबसे इंट्रेस्टिंग होने वाला है। क्योंकि ऑथर कहते है, की डेट दो टाइप्स के होते हैं, गुड और बेड डेट तो सबसे पहले हम बात करते हैं अब डैड की यानी बुरे लोन की एक छोटे से एग्जाम्पल से इमैजिन करिए कि आप एक मार्केट से गुजर रहे हो और आप देखते हो की एक बहुत ही बढ़िया सा शूट डिस्प्ले पर लगा हुआ है, जिसपे सिक्स थाउज़न्ड रूपीस का टैग लगा है। लेकिन अचानक से आपको याद आता है की आपके बैंक अकाउंट में उतने पैसे हैं ही नहीं, लेकिन आपके पास एक क्रेडिट कार्ड है जिसे आपने सिर्फ और सिर्फ इसलिए लिया है ताकि आपको इमर्जेन्सी के टाइम पे वो काम आ सके। आप सोचते हो चलो ठीक है. मैं इसे बा ई तो नहीं कर सकता लेकिन कम से कम ट्राई तो कर सकता हूँ। तो आप उस स्टोर के अंदर जाते हो, सिर्फ उसे ट्री करने की नीयत से लेकिन बाहर निकलते हो एक बॉक्स के साथ जिसमे वो शो होता है।अब तो ये पॉसिबल इसलिए हुआ क्योंकि आपके पास वो क्रेडिट कार्ड था तो इसे हम एक बेड कहेंगे क्योंकि आपको ओशो की जरूरत नहीं थी फिर भी आपने उसे बाइकर लिया और अगर आपके पास क्रेडिट कार्ड नहीं होता तो आप ये एक्स्पेन्स नहीं करते और हो सकता है की आप वो शूज़ के बाद एक जैकेट खरीद लो फिर दूसरा कुछ और इसी तरह आप एक आदत बना लो हर महीने सैलरी के आने से पहले ही उसे खत्म करने की जो एक बहुत ही डेंजरस हैबिट है और फिर अगर आप उस क्रेडिट कार्ड के बिल को टाइम पे नहीं करते हो तो बैंक आपको अच्छे से इंट्रेस्ट और अलग फीस चार्ज करेगी. जो आपको बिल्कुल भी समझ नहीं आएगी और फिर आप सोचते रह जाओगे क्या आपकी ये फाइनैंशल प्रॉब्लम खत्म क्यों नहीं हो रही है? तो यहाँ पे हम में से मेजोरिटी लोग अग्रि करेंगे की ये एक ऐक्चुअली में burden है।लेकिन ऑर्थर कहते हैं कि गुड नाम की भी एक चीज़ होती है जो एक ऐसा लोन होता है जो आपकी जेब में पैसा डालता है यानी एक ऐसेट क्योंकि ऑथर के हिसाब से जो भी चीज़ आपकी जेब में पैसा डालती है. वो ऐसेट है और जो आपकी जेब से पैसा लेती है वो एक लाइबिलिटी है तो आथर इनकम का एक कॉन्सेप्ट हमें इस बुक में सिखाते हैं जो उनके हिसाब से इस बुक का सबसे मेन लेसन है की रिच लोग ये फैन्टम इनकम की कॉन्सेप्ट को यूज करते जो एक ऐक्टिव इनकम भी नहीं होती है और पैसे इनकम भी नहीं होती है। ये फैन्टम इनकम होती है अभी एग्जेक्ट्ली होता क्या है? इससे हम एक एग्जाम्पल तो समझते हैं। इमैजीन करिए की आपके पास एक करोड़ रुपए और आप इन पैसों को प्रॉपर्टी में इन्वेस्ट करना चाहते हो और आपको एक करोड़ की एक प्रॉपर्टी मार्केट में मिल रही है। अब आप चाहो तो आप अपने पास रखे हुए उन पैसों से ये प्रॉपर्टी वनटाइम पेमेंट में खरीद सकते हो और उसे रेट पे ले के पहले ही मन से पूरा रेंटल इनकम एन्जॉय कर सकते हो, लेकिन ऑर्थर कहते हैं की अगर वो आपकी जगह होते तो वो ऐसा नहीं करते।वो बैंक के पास जाएंगे और उस प्रॉपर्टी को लोन पे लेंगे जिससे मानलो अगर डाउन पेमेंट ट्वेंटी परसेंट का है यानी ट्वेंटी लाख रूपीस का तो वो उस एक करोड़ की सेविंग से बीस लाख करके पांच अलग डाउन पेमेंट पे करेंगे। मतलब पांच प्रॉपर्टी लोन पे खरीदेंगे। इससे होगा ये की उनको हर एक प्रॉपर्टी पे अस्सी अस्सी लाख का लोन देना होगा, लेकिन अब उनके पास पांच प्रॉपर्टीज़ है। रेंटल इनकम आ रहा है जिससे अलटिमेंटली उनका कैश फ्लो बढ़ जाएगा। अब तो सुनने में ये ऐडिया आपको काफी इंट्रेस्टिंग लग रहा होगा, लेकिन आप लोगों को में इसका एक दूसरा साइड बताता हु।इस फैन्टम इनकम की कॉन्सेप्ट में दो बड़ी प्रॉब्लम है। सबसे पहली तो ये है की अगर आप मार्केट में ऐक्चुअली में कोई प्रॉपर्टी लोन पर लेने के लिए जाते हो और फिर उसकी एमी और रेट को कंपेर करोगे तो आपकी ईएमआई का पेमेंट हमेशा रेट से ज्यादा होगा। जैसे मुंबई में अगर कोई प्रॉपर्टी एक करोड़ की है तो बीस साल के लिए उसका ई एम ई पेमेंट ऑलमोस्ट एटी थाउन्ड रूपीस पर मंथ का होता है और वैसे ही प्रॉपटीज़ है। रेन्ट आपको मैक्सिमम तीस से चालीस हज़ार का मिलेगा। मतलब आपको आधा ईएमआइ अपनी पॉकेट से देना होगा, तो अगर आप बहुत सारी प्रॉपर्टी ऐसे लोन पे रहोगे तो आप ये एक्स्ट्रा पेमेंट करोगे कैसे? क्योंकि ऑथर ने बुक में उल्टा लिखा है की रेंटल इनकम ज्यादा मीलती है और ईएमआई कम होती है। लेकिन उसे फिर भी हम मान लेते की आपको कोई प्रॉपर्टी बहुत सस्ते प्राइस में मिल गई और उस पे इन्ट्रेस्ट रेट भी बहुत कम है। तो हम दूसरी ओर सबसे मेन प्रॉब्लम की बात करते हैं जो है रिस्क । इसके लिए मैं आप लोगों को एक स्टोरी सुनाता हूँ।
इमैजिन करिए की एक ऐसा गेम है जहाँ हंड्रेड प्लेयर्स एयरोप्लेन में इंटर करते हैं और उस प्लेन में हंड्रेड पैराशूट्स है, लेकिन उसमें से एक पैराशूट खराब है। फिर प्लेन जब जमीन से हजारों किलोमीटर ऊपर होगी तो इन सभी प्लेयर्स को रैंडमली एक पैराशूट मिलेगा और फिर इनको अपनी पैराशूट को लेके जम्प करना होगा तो जो नाइनटीन पीरियड सर्वाइव कर जाएंगे। उनको बहुत बड़ा इनाम मिलेगा तो तू क्या आप ऐसा कोई गेम खेलोगे? दोस्तो इसका अनसर नो होना चाहिए क्योंकि एक टाइप का सूइसाइड गेम है। कोई भी समझदार इंसान ऐसा गेम नहीं खेलेगा क्योंकि भले ही वो इनाम कितना भी बड़ा हो लेकिन जो लॉस होने के चान्सेस है वो कुछ ज्यादा ही बड़ा है। हमारी जान चली जाने से बड़ा लॉस हमारे लाइफ में क्या हो सकता है? तो इसी तरह फाइनैंशल लाइफ में जो सबसे बड़ा लॉस हो सकता है वो फाइनैंशल डेथ होती है। यानी बैंकरप्सी अब इस बैंकरप्सी का मतलब होता है। क्या आपको लोन बहुत ज्यादा पे करना है और आपके पास उतने पैसे नहीं है या फिर उतने ऐसेट्स नहीं है? मतलब आप की लाइबिलिटी ज़्यादा है और ऐसेट्स कम ये हमारी फाइनैंशल लाइफ का सबसे बड़ा लॉस होता है जिसे आप को हर हाल में अवैड करना चाहिए। लेकिन अब आप लोग इमेजिन करिए एक आदमी है जो उसको हम सनी बोलते है, वो बहुत सारी प्रॉपर्टी सब के सब लोन पे इस फैन्टम इनकम की स्ट्रैटिजी से और कुछ सालों बाद कंट्री मैं कोई बड़ी प्रॉब्लम आती है जैसे रिसेंटली लॉकडाउन लगा था। अब दोस्तो हमे एक चीज़ हमको समझना चाहिए की हम अपनी लाइफ टाइम में कोविद नाइनटीन जैसे ना जाने कितने सारे बैड इवेंट्स देखने वाले हैं क्योंकि हिस्टोरिकल्ली हर कुछ सालों में एक रिसेप्शन आता रहता है जिसमें अच्छे खासे लोगों को जॉब से निकाला जाता है। और जो लोग इन प्रिपेड होते हैं तो वो अपने बेसिक चीजों के खर्चे भी पे नहीं कर पाते और वो अपने रेंट भी पे नहीं कर पाएंगे। लेकिन सनी को तो बँक्स की एमी टाइम पे करना ही पड़ेगा क्योंकि बैंक सिर्फ तीन महीने रुकते हैं। अगर तीन महीनों तक सनी की इ.एम.आइ की पेमेंट नहीं आती है तो बैंक अपना प्रोसीजर शुरू कर देंगे जिसमें उस प्रॉपर्टी को बेचकर अपना पैसा रिकवर करते हैं आप सबसे इंट्रेस्टिंग बात ये है की ये प्रॉपर्टी बिल्कुल ऐसे टाइम पे सेल की जा रही है जब कोई अच्छा बायर ही मार्केट में अवेलेबल नहीं होगा क्योंकि अभी तो रिसेशन चल रहा है तो बेसिकली वो प्रॉपटी एक बहुत ही चीप प्राइस पे सेल होगी। और बैंक के लिए मार्जिन ऑफ सेफ्टी आपका डाउन पेमेंट होगा। अब बहुत लोगों को लगता है की रियल एस्टेट में आपका लॉस नहीं हो सकता और प्रॉपर्टी के प्राइस तो हमेशा बढ़ते रहते सनी को भी यही लगता था, लेकिन उसको इसकी रऐलिटी तब पता चली जब उसने ऐसे बुरे मार्केट के टाइम पे अपने ब्रोकर को कॉल किया तो उसको जवाब यही मिला कि सर. अगर आपको अरजेन्टली सेल करना है तो आपको प्राइस निगोशिएबल रखना होगा. क्योंकि मार्केट में फिलहाल अच्छे बाइअर्स अवेलेबल ही नहीं है क्योंकि रियल एस्टेट एक बहुत ही इल्लिक्विड मार्केट है। आप स्टॉक मार्केट की तरह सुबह साढ़े नौ बजे अपने घर पे बैठे हुए मोबाइल ऐप से सेल नहीं कर सकते तो सनी की प्रॉपर्टी चीप प्राइस पे फोस्फुली सेल हो गई है. लेकिन उसने जो ओरिजिनल अमाउंट पे लोन लिया था उसको तो वही अमाउंट भरना है। उसके साथ में पेनल्टी लेट पेमेंट और इन्ट्रेस्ट भी भरना है जिसे वो ओविअस्ली पे नहीं कर पायेगा क्योंकि उसका पूरा कैशफलो रुक गया है और रेंटल इनकम आना बंद हो गया है तो इससे बिल्कुल एक डोमिनो इफेक्ट की तरह देखते ही देखते सैनी की सारी प्रॉपर्टी सेल की जाएगी, जिससे वो काफी आसानी से बैंक करप्ट हो सकता है और उसकी लाइफ टाइम की मेहनत थोड़ा सा टाइम में बर्बाद हो सकती हैं। तो ये फैंटम इनकम का गेम खेलना एक तरह का फाइनैंशल सूइसाइड का गेम है। इसलिए दुनिया के सबसे सक्सेसफुल इन्वेस्टर लोन को लेके ये कहते के इफ यू आर स्मार्ट यू डॉट नीड इट कैन इफ यू आर डम्ब इट विल रिन्यू क्योंकि जीस भी स्ट्रैटिजी में लोन इन्वॉल्व होता है। वो शायद आपको जल्दी से टॉप पे लेके जा सकती है लेकिन उससे डबल स्पीड में नीचे भी लेके आ सकती है। इसका रीज़न ये है की जीस भी स्ट्रेटिजी में एक साथ आपका पोर्टफोलियों जीरो होने का चांस होता है तो चान्सेस है की वो कभी ना कभी जीरो होगा ही। इसलिए जब हम स्टॉक मार्केट में इन्वेस्ट करते हैं और पोर्टफोलियों बनाते तो हम दस पंद्रह कम्पनीज़ अलग सेक्टर से पिक करते ताकि अगर बुरे टाइम में दो चार कम्पनीज़ बंद भी हो जाती है तो आपकी बाकी कंपनी सर्वाइव कर लेगी और लॉन्ग टर्म में ओवरऑल पोर्टफोलियों उन लॉस को रिकवर कर लेगा। तो इसीलिए जब कंपनी पिक करते हो तो ऐसी कंपनी स्पीक करो जिसका डैड टु इक्विटी रेशियो कम हो और जीतने भी स्मार्ट CEO होते है। वो हमेशा हाइडेंट से दूर रहते ताकि वो रिसेप्शन और बुरे मार्केट को भी ईज़अली सर्वाइव कर ले. क्योंकि चाहे आप कितनी भी हो जाओ और कितने भी बड़े स्केल में बिज़नेस कर लो। अगर आप की स्ट्रैटिजी में लोन का एक बहुत बड़ा रोल है तो आपके जीरो होने के चान्सेस रहेंगे क्योंकि लोन का मेंटल मॉडल ये है की एनी नंबर मल्टीप्लाईड बी जीरो नो मैटर हाउ बिग दैट नंबर इस बिकम जीरो इसको हम काफी डिटेल में किसी दूसरे लेख में जरूर डिसकस करेंगे और दूसरे मेटल मॉडल्स के बारे में भी बातें करेंगे। लेकिन आज के लेख का सबसे इम्पोर्टेन्ट क्वेश्चन ये है की दोस्तों पुअर रहने से भी बुरी चीज़ क्या होती है? क्या बहुत मेहनत करके, अमीर हुए और फिर एक गलती से आप वापस पुअर हो गए क्योंकि आपको फाइनेंस का एक बेसिक मेंटल मॉडल नहीं मालूम था तो इसीलिए फाइनली में सिर्फ इतना ही कहूंगा की रिच लोग रिच इसलिए नहीं होते क्योंकि वो बस लोन लेते रहते हैं और लोन पे ज्यादा प्रॉपर्टीज खरीदते लोग इसीलिए अमीर होते हैं क्योंकि वो मार्केट में कोई वैल्यूएबल चीज़ प्रोवाइड करते जैसे कोई वैल्युएबल प्रॉडक्ट की कंपनी स्टार्ट करते या वैल्युएबल सर्विस प्रोवाइड करते या वैल्यूएबल कॉन्टेंट ही सही, वो आपका अल्टीमेट गोल जिओ होना चाहिए की आपकी जो नेटवर्थ है यानी आपकी वेल्थ और आपका इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियों वो टाइम के साथ रिसेशन प्रूफ और बहुत स्ट्रांग बनता रहे ताकि एक बार जब आप फाइनेशियल फ्रीडम अचीव करते हो तो आपको फिर लाइफ टाइम तक पैसों की टेंशन लेनी ही ना पड़े।
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